कड़ाके की ठंड का कहर, बिहार और झारखंड के स्कूलों पर असर; उत्तर प्रदेश का क्या हाल

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परिचय

kadake ki thand school update के बीच उत्तर भारत के कई राज्यों में हालात गंभीर बने हुए हैं।

कड़ाके की ठंड स्कूल अपडेट के बीच उत्तर भारत के कई राज्यों में हालात गंभीर होते जा रहे हैं। बिहार और झारखंड में स्कूलों पर सीधा असर पड़ा है, जबकि उत्तर प्रदेश में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

उत्तर भारत इस समय भीषण ठंड और शीतलहर की चपेट में है। लगातार गिरते तापमान, घने कोहरे और ठंडी हवाओं ने आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों की दिनचर्या को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। बिहार और झारखंड में हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि प्रशासन को स्कूलों के समय में बदलाव और छुट्टी जैसे फैसले लेने पड़े हैं।

ऐसे में अभिभावकों और छात्रों के मन में यह सवाल बार-बार उठ रहा है कि उत्तर प्रदेश में क्या स्थिति है और क्या वहां भी स्कूलों पर असर पड़ेगा। इस लेख में हम बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश तीनों राज्यों की स्थिति को विस्तार से समझेंगे।

उत्तर भारत में ठंड अचानक क्यों बढ़ गई

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में ठंड बढ़ने के पीछे कई प्राकृतिक कारण जिम्मेदार हैं। हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों तक पहुंच रही हैं। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने ठंड को और तेज कर दिया है।सुबह और रात के समय कोहरा इतना घना हो रहा है कि दृश्यता बहुत कम रह जा रही है। इसका सीधा असर स्कूल जाने वाले बच्चों और कामकाजी लोगों पर पड़ रहा है।

बिहार में ठंड का सबसे ज्यादा असर

बिहार इस समय भीषण ठंड की चपेट में है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। सुबह के समय ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण छोटे बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है।

बिहार में स्कूलों को लेकर प्रशासन का फैसला

राज्य के कई जिलों में जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अहम फैसले लिए हैं। प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के समय में बदलाव किया गया है। कई जगहों पर कक्षा आठ तक के स्कूलों को कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया है।कुछ जिलों में सुबह की कक्षाओं को दोपहर में संचालित करने का निर्देश दिया गया है ताकि बच्चों को ठंड से बचाया जा सके।

अभिभावकों को दी गई चेतावनी

प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि बच्चा बीमार है या ठंड सहन नहीं कर पा रहा है तो उसे जबरदस्ती स्कूल न भेजें। बच्चों की सेहत को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।

झारखंड में शीतलहर का प्रभाव

झारखंड में भी ठंड लगातार बढ़ती जा रही है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में सुबह का तापमान काफी गिर गया है। ठंडी हवाओं और कोहरे ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है।

उत्तर प्रदेश का क्या हाल है

अब सबसे अहम सवाल यह है कि उत्तर प्रदेश में स्कूलों को लेकर क्या स्थिति है। यूपी में भी ठंड का असर साफ दिखाई देने लगा है।

यूपी में मौजूदा मौसम की स्थिति

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में घना कोहरा छाया हुआ है। पूर्वी यूपी में ठंडी हवाओं के कारण तापमान लगातार गिर रहा है। सुबह के समय दृश्यता बहुत कम हो जाती है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता है।

क्या यूपी में स्कूल बंद होंगे

  • फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार ने कोई राज्यव्यापी आदेश जारी नहीं किया है।
  • हालांकि कई जिलों में जिला प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है।
  • प्राथमिक स्कूलों को लेकर निर्णय स्थानीय प्रशासन पर छोड़ा गया है।
  • अगर ठंड और कोहरा बढ़ता है तो स्कूलों में अवकाश का फैसला लिया जा सकता है।

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बच्चों की सेहत पर ठंड का असर

कड़ाके की ठंड का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर पड़ता है। कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चों में सर्दी-खांसी और बुखार की शिकायत तेजी से बढ़ रही है।

ठंड से होने वाली आम समस्याएं

  • ठंड के कारण बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
  • समय तक ठंड में रहने से निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है।

डॉक्टरों की सलाह

  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को सुबह की ठंड में बाहर निकलने से बचाना चाहिए।
  • उन्हें गर्म कपड़े पहनाकर रखें और ठंडे पानी से बचाएं।
  • यदि बच्चा बार-बार बीमार पड़ रहा है तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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बिहार में स्कूल बंद: जिलावार अपडेट

बिहार में शीतलहर का सबसे ज्यादा कहर दिख रहा है। पटना, सासाराम, समस्तीपुर, जहानाबाद जैसे जिलों में प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की है।

पटना जिला

राजधानी पटना में 27 दिसंबर से 30 दिसंबर 2025 तक कक्षा 8 तक के सभी सरकारी, निजी स्कूल, प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. थियागराजन एस.एम. ने आदेश जारी कर कहा है कि छोटे बच्चों को सुबह की ठंड और कोहरे से बचाना जरूरी है। कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक सीमित रहेगी।

रांची के अलावा अन्य जिले

कई जिलों जैसे सासाराम में 27 से 31 दिसंबर तक कक्षा 8 तक की पढ़ाई पर रोक लगाई गई है। समस्तीपुर में कक्षा 1 से 8 तक 27 दिसंबर तक बंदी का आदेश है। जहानाबाद में भी 8वीं तक के स्कूल 27 दिसंबर तक बंद हैं, जबकि ऊपरी कक्षाएं 10 बजे से 2 बजे तक चलेंगी।

बिहार सरकार ने पहले ही कई जिलों में स्कूल टाइमिंग बदली थी (सुबह 9:30 से शाम 4 बजे), लेकिन अब पूरी तरह बंदी की ओर रुख है। अभिभावकों से अपील की गई है कि बच्चे घर से बाहर अनावश्यक न निकलें।

आधिकारिक वेबसाइट –Education.gov.in

1.Jharkhand.gov.in

2.Mausam.imd.gov.in

अभिभावकों के लिए जरूरी सुझाव

अभिभावकों को चाहिए कि वे मौसम की स्थिति देखकर ही बच्चों को स्कूल भेजें। बच्चों को गर्म कपड़े, टोपी और मोजे जरूर पहनाएं।स्कूल से आने के बाद बच्चों के कपड़े बदलवाएं और उन्हें गुनगुना पानी दें। अगर बच्चा असहज महसूस करे तो स्कूल न भेजें।

आने वाले दिनों में क्या हो सकता है

  • मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में ठंड अभी कुछ दिन और बनी रह सकती है।
  • सुबह और रात के समय कोहरा और बढ़ सकता है।

ऐसे में संभावना है कि बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्कूलों को लेकर और सख्त फैसले लिए जाएं।

FQS

1.क्या बिहार में सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं?

नहीं, सभी जिलों में एक जैसा आदेश नहीं है। कुछ जिलों में कक्षा आठ तक स्कूल बंद हैं और कुछ में समय बदला गया है।

2.झारखंड में स्कूल कब तक बंद रहेंगे?

यह मौसम की स्थिति पर निर्भर करता है। ठंड बढ़ने पर अवकाश बढ़ाया जा सकता है।

3.क्या उत्तर प्रदेश में भी स्कूल बंद होंगे?

यदि ठंड और कोहरा ज्यादा बढ़ता है तो जिला प्रशासन स्कूल बंद करने का फैसला ले सकता है।

4.बच्चों को स्कूल भेजना सुरक्षित है या नहीं?

अगर ठंड बहुत ज्यादा है और बच्चा कमजोर है तो स्कूल भेजने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

निष्कर्ष

कड़ाके की ठंड ने बिहार और झारखंड में स्कूल व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है, जबकि उत्तर प्रदेश में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन लगातार फैसले ले रहा है।

अभिभावकों और छात्रों को चाहिए कि वे सरकारी आदेशों और मौसम अपडेट पर ध्यान दें और बच्चों की सेहत को सबसे ऊपर रखें।

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