परिचय
NEET UG 2026 की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। बिहार सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से संकेत मिले हैं कि बिहार के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की 30-30 सीटें बढ़ाई जा सकती हैं। अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप ले लेता है, तो राज्य में MBBS सीटों की संख्या में ऐतिहासिक बढ़ोतरी होगी, जिससे NEET UG काउंसलिंग 2026 में छात्रों को सीधा फायदा मिलेगा।
इस फैसले से न केवल बिहार के छात्रों को राहत मिलेगी, बल्कि ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के तहत भी सीटों की संख्या बढ़ेगी। मेडिकल एजुकेशन में बढ़ती मांग और डॉक्टरों की कमी को देखते हुए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिहार में MBBS सीटें बढ़ाने का कारण क्या है?
पिछले कुछ वर्षों में NEET UG परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन उसी अनुपात में मेडिकल सीटें नहीं बढ़ पाईं। बिहार जैसे बड़े राज्य में डॉक्टर-पेशेंट अनुपात अभी भी राष्ट्रीय औसत से कम है। यही कारण है कि सरकार ने सभी मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाने का मन बनाया है।
यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर MBBS सीटों में वृद्धि के ट्रेंड का हिस्सा है। NMC ने 2026 के लिए पूरे भारत में 1,29,026 MBBS सीटें घोषित की हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11,276 की वृद्धि है। बिहार इस वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करना है, जो अगले पांच वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है। यह बिहार MBBS सीट वृद्धि न केवल छात्रों को लाभ पहुंचाएगी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाएगी।
इसके अलावा केंद्र सरकार की National Medical Commission (NMC) की नई गाइडलाइंस के तहत यदि इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी उपलब्ध हो, तो सीटें बढ़ाई जा सकती हैं।
बिहार के किन मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी MBBS की सीटें?
प्रस्ताव के अनुसार बिहार के लगभग सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 30-30 MBBS सीटें बढ़ाई जा सकती हैं। नीचे संभावित सूची दी गई है:
1. पटना मेडिकल कॉलेज (PMC), पटना
वर्तमान में यहां MBBS की लगभग 200 सीटें हैं। सीटें बढ़ने के बाद यह संख्या 230 तक पहुंच सकती है।
2. नालंदा मेडिकल कॉलेज (NMCH), पटना
NMCH में भी 30 नई सीटें जोड़ने का प्रस्ताव है, जिससे यहां सीटों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा।
3. दरभंगा मेडिकल कॉलेज (DMCH), दरभंगा
DMCH उत्तर बिहार का प्रमुख मेडिकल कॉलेज है। यहां सीटें बढ़ने से मिथिला क्षेत्र के छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा।
4. श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज (SKMCH), मुजफ्फरपुर
SKMCH में इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से मजबूत है, इसलिए सीटें बढ़ाने की पूरी संभावना है।
5. अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज (ANMMCH), गया
गया जैसे क्षेत्र में मेडिकल सीटें बढ़ना स्थानीय छात्रों के लिए वरदान साबित होगा।
6. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JLNMCH), भागलपुर
यहां भी 30 सीटें बढ़ने से कोसी-भागलपुर क्षेत्र के छात्रों को फायदा होगा।
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इस वृद्धि के प्रभाव और लाभ
बिहार MBBS सीट वृद्धि का प्रभाव कदमी होगा। सबसे पहले, यह NEET UG 2026 के aspirants के लिए अधिक सीटें उपलब्ध कराएगी, जिससे प्रतिस्पर्धा कम होगी। बिहार में हर साल लाखों छात्र NEET देते हैं, लेकिन सीटों की कमी के कारण कई योग्य छात्र बाहर रह जाते हैं। यह वृद्धि उन्हें राज्य में ही पढ़ाई का अवसर देगी, जिससे माइग्रेशन कम होगा।
दूसरा, स्वास्थ्य क्षेत्र पर प्रभाव: अधिक डॉक्टरों का मतलब बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं। बिहार जैसे राज्य में जहां ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी है, यह वृद्धि अस्पतालों को मजबूत बनाएगी। NMC के अनुसार, भारत में कुल MBBS सीटें 1.29 लाख से अधिक हो गई हैं, और बिहार इसमें योगदान दे रहा है।
तीसरा, आर्थिक प्रभाव: मेडिकल कॉलेजों का विस्तार रोजगार सृजन करेगा। नए बुनियादी ढांचे, फैकल्टी और स्टाफ की जरूरत पड़ेगी। साथ ही, छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और फीस में राहत की योजनाएं भी चल रही हैं।

कुल कितनी MBBS सीटें बढ़ सकती हैं बिहार में?
अगर बिहार के लगभग 10–12 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 30-30 सीटें बढ़ती हैं, तो कुल मिलाकर:
- 300 से 360 नई MBBS सीटें
- NEET UG 2026 काउंसलिंग में कटऑफ कम होने की संभावना
- सरकारी कॉलेज में एडमिशन के चांस बढ़ेंगे
NEET UG 2026 के छात्रों को क्या फायदा होगा?
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा सीधे NEET UG 2026 में बैठने वाले छात्रों को मिलेगा। सीटें बढ़ने से:
- कटऑफ में थोड़ी गिरावट आ सकती है
- सरकारी कॉलेज में एडमिशन के अवसर बढ़ेंगे
- बिहार के छात्रों को अपने ही राज्य में पढ़ने का मौका मिलेगा
- निजी मेडिकल कॉलेजों पर निर्भरता कम होगी
क्या यह फैसला अंतिम है?
फिलहाल यह प्रस्ताव राज्य स्वास्थ्य विभाग और NMC की मंजूरी के अधीन है। जैसे ही मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी, हॉस्टल और लैब की जांच पूरी होगी, उसके बाद सीटें बढ़ाने की अंतिम अधिसूचना जारी की जा सकती है।
Official Update के लिए NMC की वेबसाइट चेक करें-www.nmc.org.in
NEET UG Counselling 2026 में कैसे बदलेगा सीट मैट्रिक्स?
अगर सीटें बढ़ती हैं, तो Bihar NEET UG Seat Matrix 2026 में बदलाव होगा। काउंसलिंग के दौरान:
- नए कॉलेज कोड
- अपडेटेड सीट संख्या
- AIQ और State Quota में नई सीटें
देखने को मिलेंगी।
बिहार सरकार का मेडिकल एजुकेशन पर फोकस
बिहार सरकार लगातार नए मेडिकल कॉलेज खोलने और पुराने कॉलेजों को अपग्रेड करने पर काम कर रही है। हाल के वर्षों में:
- नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना
- MBBS और PG सीटों में बढ़ोतरी
- मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश
जैसे कदम उठाए गए हैं।
छात्रों को अभी क्या करना चाहिए?
NEET UG 2026 की तैयारी कर रहे छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे:
- सिलेबस पर फोकस बनाए रखें
- मॉक टेस्ट नियमित दें
- काउंसलिंग अपडेट पर नजर रखें
- बिहार राज्य कोड और कॉलेज चॉइस पहले से तैयार रखें
FAQs
Q1. क्या बिहार में सभी मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीटें बढ़ेंगी?
हाँ, प्रस्ताव के अनुसार लगभग सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 30-30 सीटें बढ़ने की संभावना है।
Q2. यह फैसला कब से लागू होगा?
संभावना है कि यह NEET UG 2026 काउंसलिंग से लागू किया जाएगा।
Q3. क्या इससे NEET UG कटऑफ कम होगी?
सीटें बढ़ने से कटऑफ पर सकारात्मक असर पड़ सकता है, लेकिन यह पूरी तरह कैंडिडेट्स की संख्या पर निर्भर करेगा।
Q4. क्या निजी मेडिकल कॉलेजों में भी सीटें बढ़ेंगी?
फिलहाल खबर सिर्फ सरकारी मेडिकल कॉलेजों को लेकर है।
Q5. Official सूचना कहां से मिलेगी?
NMC और बिहार स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से।
निष्कर्ष
NEET UG 2026 की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह खबर किसी तोहफे से कम नहीं है। बिहार के सभी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की 30-30 सीटें बढ़ने से हजारों छात्रों का सपना पूरा हो सकता है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो बिहार मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचेगा।
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