परिचय
School holidays को लेकर इस समय बड़ी खबर सामने आ रही है। भीषण ठंड और लगातार जारी शीतलहर के कारण जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की छुट्टियां घोषित कर दी हैं। गिरते तापमान और घने कोहरे के चलते स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों की सेहत पर खतरा बढ़ गया है, इसी वजह से school holidays का फैसला लिया गया है। यह फैसला प्राथमिक से लेकर उच्च कक्षाओं तक लागू किया गया है।
देश के कई हिस्सों में इस समय शरीर कंपा देने वाली ठंड और तेज शीतलहर ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान में लगातार गिरावट, घना कोहरा और सर्द हवाओं के चलते स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों की सेहत पर खतरा बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा स्कूलों की छुट्टियां घोषित की जा रही हैं।
ठंड के कारण स्कूल बंद, स्कूलों की छुट्टियां, और शीतलहर के चलते स्कूल बंद जैसे मुद्दे इस समय अभिभावकों, शिक्षकों और छात्रों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
शीतलहर का बढ़ता प्रभाव
पिछले कुछ दिनों से लगातार न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी जा रही है। सुबह और रात के समय ठंडी हवाएं इतनी तेज हैं कि बुजुर्गों और बच्चों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, कई जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया गया है। यही कारण है कि प्रशासन को स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लेना पड़ा।
उत्तर भारत में ठंड की तीव्रता और मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, जनवरी 2026 की शुरुआत से ही उत्तरी भारत में शीतलहर का दौर जारी है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि गुरुग्राम में 0.6 डिग्री दर्ज किया गया। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में ठंड इतनी तेज है कि सुबह के समय फ्रॉस्ट (पाला) जम रहा है।
घने कोहरे की वजह से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, और छोटे बच्चों के लिए स्कूल जाना जोखिम भरा हो गया है। IMD ने लगातार कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। उत्तर भारत ठंड 2026 की यह स्थिति पिछले कई सालों में सबसे गंभीर मानी जा रही है, जहां ला नीना प्रभाव और हिमालय से आने वाली ठंडी हवाएं मुख्य वजह हैं।
उत्तर प्रदेश में जिला-स्तरीय स्कूल छुट्टियां बढ़ीं
उत्तर प्रदेश में ठंड का सबसे ज्यादा असर मैदानी जिलों पर है। नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, आगरा, वाराणसी जैसे जिलों में नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूल 15 जनवरी तक बंद हैं। कई जिलों में उच्च कक्षाओं के लिए समय 10 बजे से 3 बजे तक कर दिया गया है। राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है, इसलिए छुट्टियां बढ़ाई जा रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में जहां इंटरनेट की सुविधा कम है, वहां ऑनलाइन क्लासेस की व्यवस्था चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है। अभिभावक घर पर बच्चों को पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सिलेबस पूरा करने का दबाव बना हुआ है।
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किन-किन स्कूलों पर लागू है आदेश?
लगातार बढ़ती ठंड को देखते हुए आने वाले दिनों में school holidays की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
जारी आदेशों के अनुसार छुट्टियां मुख्य रूप से निम्न स्कूलों पर लागू की गई हैं:
- सरकारी प्राथमिक विद्यालय
- सरकारी माध्यमिक विद्यालय
- प्राइवेट स्कूल (कक्षा 1 से 8 तक)
- आंगनवाड़ी केंद्र
- प्री-नर्सरी और नर्सरी स्कूल
हालांकि कुछ जिलों में कक्षा 9 से 12 तक के स्कूलों को समय परिवर्तन के साथ खोलने की अनुमति दी गई है।

बच्चों की सेहत बनी प्राथमिकता
इस साल school holidays का फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
जिला प्रशासन का कहना है कि छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और अत्यधिक ठंड में स्कूल जाने से उन्हें सर्दी, खांसी, निमोनिया और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।इसी कारण बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल छुट्टी का निर्णय लिया गया है।
जिला प्रशासन का आधिकारिक आदेश
प्रशासन द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि:
- आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा
- सभी स्कूलों को निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा
- आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है
यह आदेश सरकारी और निजी दोनों स्कूलों पर समान रूप से लागू किया गया है।
क्या ऑनलाइन क्लास होंगी?
कई अभिभावकों के मन में सवाल है कि छुट्टियों के दौरान ऑनलाइन क्लास चलेंगी या नहीं।
इस पर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:
- प्राथमिक कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पढ़ाई अनिवार्य नहीं
- उच्च कक्षाओं में स्कूल अपने स्तर पर निर्णय ले सकते हैं
- बच्चों पर पढ़ाई का अतिरिक्त दबाव न डाला जाए
आधिकारिक वेबसाइट –https://mausam.imd.gov.in/
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक:
- न्यूनतम तापमान में और गिरावट संभव
- सुबह के समय घना कोहरा
- ठंडी हवाओं की तीव्रता बनी रहेगी
इसी वजह से स्कूलों की छुट्टियां आगे भी बढ़ाई जा सकती हैं, अगर मौसम में सुधार नहीं हुआ।
अभिभावकों की प्रतिक्रिया
विशेषज्ञों का मानना है कि शीतलहर के दौरान school holidays घोषित करना एक जरूरी और सही कदम है।
स्कूल छुट्टी की खबर से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।उनका कहना है कि:
- बच्चों को सुबह जल्दी उठकर ठंड में स्कूल भेजना मुश्किल था
- कई बच्चे बीमार पड़ रहे थे
- प्रशासन का यह निर्णय सराहनीय है
शिक्षकों की राय
- शिक्षकों का भी मानना है कि पढ़ाई से ज्यादा जरूरी बच्चों की सेहत है।
- ठंड कम होते ही नियमित कक्षाएं फिर से शुरू की जा सकती हैं,लेकिन इस समय छुट्टी देना सही फैसला है।
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स्कूल कब खुलेंगे?
- अभी तक प्रशासन की ओर से स्कूल खोलने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।
- मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद ही अगला आदेश जारी किया जाएगा।
छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे स्कूल और जिला शिक्षा विभाग की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।
अफवाहों से बचने की सलाह
सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं, जैसे:
- पूरे महीने स्कूल बंद रहेंगे
- सभी कक्षाओं की परीक्षाएं रद्द
प्रशासन ने साफ किया है कि केवल आधिकारिक नोटिस ही मान्य होगा।
छात्रों के लिए जरूरी सुझाव
अभिभावकों के अनुसार ठंड के मौसम में school holidays जरूरी हैं।
छुट्टियों के दौरान छात्रों को चाहिए कि:
- ठंड से बचाव करें
- गर्म कपड़े पहनें
- हल्का-फुल्का रिवीजन करते रहें
- मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल न करें
FAQ
प्रश्न 1: दिल्ली में स्कूल कब तक बंद हैं?
उत्तर: 15 जनवरी 2026 तक, 16 जनवरी से खुलेंगे।
प्रश्न 2: उत्तर प्रदेश में किन कक्षाओं की छुट्टी है?
उत्तर: नर्सरी से कक्षा 8 तक 15 जनवरी तक, उच्च कक्षाओं में समय परिवर्तन।
प्रश्न 3: क्या 13 जनवरी को भी स्कूल बंद रहेंगे?
उत्तर: हां, अधिकांश उत्तर भारत में ठंड और लोहड़ी/पोंगल के कारण बंद रहेंगे।
प्रश्न 4: ठंड से बचाव के लिए क्या करें?
उत्तर: गर्म कपड़े, पौष्टिक भोजन और घर पर रहें।
प्रश्न 5: अपडेट कहां से लें?
उत्तर: आधिकारिक शिक्षा विभाग वेबसाइट और स्थानीय समाचार।
निष्कर्ष
ठंड के मौसम में बच्चों की सेहत को देखते हुए school holidays का फैसला अभिभावकों के लिए राहत भरा साबित हुआ है।
भीषण ठंड और शीतलहर के इस दौर में स्कूलों की छुट्टियों का फैसला बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।प्रशासन का यह कदम न केवल समय की मांग है बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का उदाहरण भी है।
जैसे ही मौसम सामान्य होगा, स्कूलों को दोबारा खोलने को लेकर नई सूचना जारी की जाएगी।