परिचय
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा तिथि संशोधित होने को लेकर छात्रों के बीच काफी चर्चा है। बोर्ड द्वारा कक्षा दसवीं और बारहवीं की परीक्षा तिथियों में बदलाव से जुड़े नए अपडेट सामने आ रहे हैं।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से जुड़े लाखों विद्यार्थियों के लिए एक अहम खबर सामने आ रही है। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की तारीख में बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस खबर ने खासतौर पर दसवीं और बारहवीं के छात्रों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, क्योंकि बोर्ड परीक्षा उनके शैक्षणिक भविष्य का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होती है।
मुख्य विवरण
खासतौर पर 3 मार्च 2026 को शेड्यूल की गई कुछ परीक्षाओं को पोस्टपोन कर दिया गया है। यह बदलाव administrative reasons (प्रशासनिक कारणों) से किया गया है। अब कक्षा 10 की वह परीक्षाएं जो 3 मार्च को थीं, अब 11 मार्च 2026 को होंगी। वहीं कक्षा 12 की (खासकर Legal Studies और अन्य कुछ सब्जेक्ट्स) अब 10 अप्रैल 2026 को होंगी।
बाकी सभी प्रमुख सब्जेक्ट्स जैसे Mathematics, Science, Social Science, English, Hindi, Physics, Chemistry, Biology, Accountancy, Business Studies आदि की तारीखें बिल्कुल नहीं बदलीं।
हर वर्ष सीबीएसई बोर्ड परीक्षा को लेकर छात्र महीनों पहले से तैयारी शुरू कर देते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा तिथि में किसी प्रकार का बदलाव होता है, तो यह छात्रों की योजना, पढ़ाई की रणनीति और मानसिक स्थिति पर सीधा प्रभाव डालता है। इस लेख में हम आपको सरल भाषा में बताएंगे कि तारीख बदलने की चर्चा क्यों हो रही है, इसका छात्रों पर क्या असर पड़ेगा और आगे की तैयारी कैसे करनी चाहिए।
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की तारीख बदलने की चर्चा क्यों?
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा का शेड्यूल तय करते समय बोर्ड को कई पहलुओं पर विचार करना पड़ता है। कभी-कभी शैक्षणिक सत्र में देरी, पाठ्यक्रम पूरा होने में समय लगना या अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं के साथ टकराव जैसी स्थितियां सामने आती हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड परीक्षा की तारीख में बदलाव का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पर्याप्त तैयारी का अवसर देना और परीक्षा प्रक्रिया को सुचारु बनाना होता है। इसके अलावा, मूल्यांकन व्यवस्था और परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था भी इस निर्णय को प्रभावित करती है।
परीक्षा तिथि में बदलाव के संभावित कारण
शैक्षणिक सत्र से जुड़ी समस्याएं
कुछ स्कूलों में पाठ्यक्रम समय पर पूरा न हो पाने के कारण बोर्ड को परीक्षा कार्यक्रम में संशोधन करना पड़ता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव
कई छात्र बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं की भी तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा तिथियों में संतुलन बनाना जरूरी हो जाता है।
प्रशासनिक व्यवस्थाएं
परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता, उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन और अन्य तकनीकी कारण भी बदलाव की वजह बन सकते हैं।
नई शिक्षा नीति का प्रभाव
नई शिक्षा नीति के तहत मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव किए जा रहे हैं, जिसका असर बोर्ड परीक्षा के शेड्यूल पर भी पड़ सकता है।
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CBSE Board Exam 2026 Overview
CBSE ने कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं पेन एंड पेपर मोड में ही आयोजित करेगा। मुख्य परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होंगी।
- Class 10: 17 फरवरी से 11 मार्च 2026 तक (रिवाइज्ड)
- Class 12: 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक
प्रैक्टिकल परीक्षाएं:
- विंटर-बाउंड स्कूल्स: नवंबर-दिसंबर 2025
- सामान्य स्कूल्स: जनवरी 2026 से शुरू
एडमिट कार्ड: फरवरी 2026 में जारी होंगे, जिसमें रिवाइज्ड डेट्स अपडेट होंगी।
Changed Dates in Detail
CBSE ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ 3 मार्च 2026 वाली परीक्षाएं प्रभावित हुई हैं।
Class 10 (10वीं):
- पहले: 3 मार्च 2026 (कुछ सब्जेक्ट्स जैसे Tibetan, German, NCC, Bodo आदि)
- अब: 11 मार्च 2026
Class 12 (12वीं):
- पहले: 3 मार्च 2026 (Legal Studies सहित कुछ सब्जेक्ट्स)
- अब: 10 अप्रैल 2026
बाकी सभी प्रमुख सब्जेक्ट्स जैसे Maths, Science, English, Hindi, Social Science, Physics, Chemistry आदि की तारीखें बिल्कुल नहीं बदलीं।
दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा का संभावित स्वरूप
हालांकि सीबीएसई की ओर से अभी अंतिम कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि:
- बोर्ड परीक्षाएं सत्र के अंतिम चरण में आयोजित की जाएंगी
- विषयों के बीच छात्रों को पर्याप्त अंतराल मिलेगा
- प्रायोगिक और आंतरिक मूल्यांकन पहले पूरे कराए जाएंगे
छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे संभावित कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी लगातार जारी रखें।
छात्रों पर परीक्षा तारीख बदलने का प्रभाव
सकारात्मक प्रभाव
- पढ़ाई और दोहराव के लिए अधिक समय मिलना
- कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देने का अवसर
- मानसिक तनाव में कुछ हद तक कमी
नकारात्मक प्रभाव
- पहले से बनाई गई समय-सारणी में बदलाव
- पढ़ाई की योजना दोबारा बनानी पड़ना
- अनिश्चितता के कारण भ्रम की स्थिति
इसलिए यह जरूरी है कि छात्र केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें।
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करें?
नियमित अध्ययन योजना अपनाएं
हर विषय के लिए अलग समय निर्धारित करें और रोजाना पढ़ाई की आदत बनाएं।
एनसीईआरटी पुस्तकों पर पूरा ध्यान दें
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में अधिकतर प्रश्न एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित होते हैं।
अभ्यास और पुनरावृत्ति करें
नमूना प्रश्न पत्र और पुराने प्रश्न पत्र हल करने से आत्मविश्वास बढ़ता है।
स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें
अच्छी नींद, संतुलित भोजन और छोटे ब्रेक पढ़ाई के दौरान बहुत जरूरी होते हैं।
क्यों हुआ यह बदलाव
CBSE ने ऑफिशियल नोटिस में “administrative reasons” बताया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में Holi फेस्टिवल के आसपास के कारणों का जिक्र है, लेकिन बोर्ड ने सिर्फ प्रशासनिक वजहें बताई हैं।
स्कूल्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी छात्रों और पैरेंट्स को तुरंत सूचित करें। यह बदलाव छात्रों को ज्यादा परेशान न करे, इसलिए सिर्फ कुछ माइनर/ऑप्शनल सब्जेक्ट्स प्रभावित हुए हैं।
FAQS
क्या सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की तारीख बदल चुकी है?
फिलहाल तारीख बदलने को लेकर चर्चाएं हैं, लेकिन अंतिम निर्णय बोर्ड की आधिकारिक सूचना पर निर्भर करेगा।
बोर्ड परीक्षा की डेट शीट कब जारी होगी?
डेट शीट बोर्ड द्वारा परीक्षा से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाती है।
क्या छात्रों को अपनी तैयारी रोक देनी चाहिए?
नहीं, छात्रों को अपनी पढ़ाई नियमित रूप से जारी रखनी चाहिए।
सही जानकारी कहां से मिलेगी?
छात्रों को केवल सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट और विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करना चाहिए।
आधिकारिक वेबसाइट खोलें-Cbsc.gov.in
निष्कर्ष
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की तारीख में बदलाव से जुड़ी खबरें छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। सही योजना, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच के साथ छात्र किसी भी परिस्थिति में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। जैसे ही बोर्ड की ओर से आधिकारिक सूचना जारी होगी, स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
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