भारत की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Advanced में एक बड़े सुधार की चर्चा जोरों पर है। इस सुधार को JEE Advanced Reform 2026 कहा जा रहा है। अब तक यह परीक्षा केवल Physics, Chemistry और Mathematics (PCM) पर आधारित थी, लेकिन बदलते समय और तकनीकी जरूरतों को देखते हुए अब इसमें Aptitude Test को भी अनिवार्य करने की योजना बनाई जा रही है। इस बदलाव का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि छात्रों की सोचने-समझने की क्षमता को परखना है।
JEE Advanced Exam Pattern में यह नया ट्विस्ट छात्रों को ज्यादा वर्सेटाइल बनाने का प्रयास है। पहले जहां फोकस सिर्फ PCM पर था, अब Aptitude Section के जरिए लॉजिकल रीजनिंग, डेटा इंटरप्रिटेशन और क्रिएटिव थिंकिंग जैसी स्किल्स को टेस्ट किया जाएगा। यह बदलाव 2026 सेशन से लागू होगा, और इससे JEE Advanced Eligibility Criteria में भी थोड़ा बदलाव आ सकता है।
JEE Advanced Reform क्या है और क्यों जरूरी हुआ
JEE Advanced Reform का मतलब है परीक्षा के पैटर्न और मूल्यांकन प्रणाली में ऐसा सुधार, जिससे IITs को अधिक योग्य, रचनात्मक और व्यावहारिक सोच वाले छात्र मिल सकें। कई बार देखा गया है कि अच्छे अंक लाने वाले छात्र भी रिसर्च, इनोवेशन और प्रॉब्लम सॉल्विंग में पीछे रह जाते हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए JEE Advanced Aptitude Test को शामिल करने की पहल की जा रही है।
PCM के साथ Aptitude Test जोड़ने का उद्देश्य
अब IITs सिर्फ ऐसे छात्र नहीं चाहते जो सवाल हल कर सकें, बल्कि ऐसे इंजीनियर चाहते हैं जो रियल लाइफ प्रॉब्लम्स को समझ सकें। PCM के साथ Aptitude Test जोड़ने का उद्देश्य छात्रों की Logical Thinking, Analytical Ability, Decision Making और Engineering Aptitude को जांचना है। इससे परीक्षा अधिक संतुलित और स्किल-आधारित हो जाएगी।
JEE Advanced Aptitude Test में क्या पूछा जा सकता है
प्रस्तावित JEE Advanced Aptitude Test में ऐसे प्रश्न शामिल हो सकते हैं जो दिमागी क्षमता को परखें। इसमें Logical Reasoning, Pattern Recognition, Spatial Ability और Analytical Questions पूछे जा सकते हैं। यह सेक्शन PCM से अलग होगा, लेकिन इसका स्कोर JEE Advanced Result में जोड़ा जाएगा, जिससे अंतिम रैंक तय होगी।
छात्रों की तैयारी पर JEE Advanced Reform का असर
इस सुधार के बाद छात्रों की तैयारी का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। अब सिर्फ किताबों के सवाल हल करना काफी नहीं होगा। छात्रों को रोज़ाना Aptitude Practice, Puzzle Solving और Logical Questions पर ध्यान देना होगा। जो छात्र शुरू से सोचने और विश्लेषण करने की आदत डालेंगे, उन्हें IIT JEE Exam Change का सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।
कोचिंग और शिक्षा प्रणाली में बदलाव
JEE Advanced Reform 2026 के बाद कोचिंग संस्थानों को भी अपना पैटर्न बदलना पड़ेगा। अब कोचिंग में सिर्फ PCM नहीं, बल्कि Aptitude Classes, Reasoning Sessions और Thinking Based Tests भी शुरू किए जाएंगे। इससे शिक्षा प्रणाली ज्यादा व्यावहारिक और आधुनिक बनेगी।

ग्रामीण और सामान्य वर्ग के छात्रों को कैसे मिलेगा फायदा
यह बदलाव उन छात्रों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है जो महंगी कोचिंग नहीं कर पाते लेकिन उनमें सोचने और समझने की जबरदस्त क्षमता होती है। JEE Advanced Aptitude Test ऐसे छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देगा, जिससे IIT में चयन अधिक न्यायपूर्ण हो सकेगा।
और यहां पढ़ें –https://nsarkari.site/aiims-cre-result-2025-merit-list-pdf/
JEE Advanced Reform के फायदे और चैलेंजेस
JEE Advanced Reform के फायदे कई हैं। पहला, यह छात्रों को होलिस्टिक डेवलपमेंट देगा, जो इंडस्ट्री जॉब्स में हेल्पफुल है। दूसरा, सिलेक्शन ज्यादा मेरिट-बेस्ड होगा, क्योंकि PCM क्रammers को चैलेंज मिलेगा। तीसरा, IIT एडमिशन प्रोसेस ग्लोबल स्टैंडर्ड्स से मैच करेगा। लेकिन चैलेंजेस भी हैं – समय की कमी, स्ट्रेस बढ़ना और नए सिलेबस को कवर करना। खासकर रूरल एरिया के छात्रों के लिए एक्स्ट्रा कोचिंग की जरूरत पड़ेगी।
JEE Advanced 2026: रजिस्ट्रेशन, डेट्स और अपडेट्स
JEE Advanced 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन अप्रैल-मई में शुरू होगा। एग्जाम मई के आखिर में, रिजल्ट जून में। JEE Main क्वालीफाई करने वाले ही अप्लाई कर सकेंगे। अपडेट्स के लिए ऑफिशियल वेबसाइट https://jeeadv.ac.in चेक करें।
आधिकारिक वेबसाइट –https://www.education.gov.in
JEE Advanced Preparation Tips: एप्टीट्यूड को कैसे मास्टर करें?
JEE Advanced Reform के बाद तैयारी में बैलेंस जरूरी है। सबसे पहले, PCM की बेस मजबूत रखें – NCERT बुक्स से शुरू करें। एप्टीट्यूड के लिए, डेली रूटीन बनाएं: 2 घंटे PCM, 1 घंटा एप्टीट्यूड। प्रैक्टिस शीट्स सॉल्व करें और वीकली मॉक टेस्ट दें।
JEE Advanced Preparation Tips में शामिल: माइंड मैप्स यूज करें लॉजिकल रीजनिंग के लिए, और स्पीड कैलकुलेशन प्रैक्टिस करें क्वांटिटेटिव के लिए।कोचिंग जॉइन करें जो JEE Advanced Reform को कवर करे, जैसे Aakash या Resonance। ऑनलाइन रिसोर्सेज जैसे Unacademy या BYJU’S के एप्टीट्यूड मॉड्यूल्स ट्राई करें। हेल्थ का ध्यान रखें – 7-8 घंटे स्लीप, योगा और ब्रेक लें। कॉमन मिस्टेक्स अवॉइड करें: एप्टीट्यूड को इग्नोर न करें, क्योंकि यह 20% स्कोर दे सकता है।
क्या JEE Main में भी होगा ऐसा बदलाव
फिलहाल JEE Advanced Reform केवल एडवांस परीक्षा तक सीमित है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में JEE Main Exam Pattern में भी Aptitude आधारित प्रश्न जोड़े जा सकते हैं। इससे पूरी इंजीनियरिंग प्रवेश प्रणाली में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
छात्र अभी से क्या करें
छात्र IIT का सपना देख रहे हैं, उन्हें अभी से PCM के साथ Aptitude Skills पर काम शुरू कर देना चाहिए। रोज़ थोड़ा समय Logical Reasoning, Analytical Questions और दिमागी खेलों को देना आने वाले समय में बहुत फायदेमंद साबित होगा। यह बदलाव डरने का नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का मौका है।
निष्कर्ष
JEE Advanced Reform 2026 भारतीय इंजीनियरिंग शिक्षा के लिए एक बड़ा और सकारात्मक कदम है। यह सुधार छात्रों को केवल परीक्षा पास करने वाला नहीं, बल्कि भविष्य का सक्षम इंजीनियर बनाने की दिशा में काम करेगा। अगर छात्र समय रहते अपनी तैयारी को इस बदलाव के अनुसार ढाल लें, तो यह सुधार उनके लिए सुनहरा अवसर बन सकता है।
FAQs
1.क्या JEE Advanced में Aptitude Test अनिवार्य हो गया है?
फिलहाल प्रस्तावित है, आधिकारिक घोषणा जल्द हो सकती है।
2.क्या Aptitude Test के लिए अलग से कट-ऑफ होगा?
नहीं, यह कुल स्कोर में शामिल होगा।
3.क्या पुराने सिलेबस से पढ़ना बेकार हो जाएगा?
बिल्कुल नहीं, PCM अभी भी सबसे अहम रहेगा।
4.क्या 11वीं के छात्र अभी से तैयारी करें?
हाँ, शुरुआत करना सबसे बेहतर विकल्प है।