परिचय
UPSC Success Story, IAS Success Story, UPSC Motivation Story, IAS तृप्ति कल्हंस, और UPSC Exam Preparation जैसे शब्द आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा को भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है, जहाँ हर साल लाखों उम्मीदवार प्रयास करते हैं लेकिन सफलता कुछ ही को मिलती है।
इस UPSC Success Story in Hindi में हम आपको बताएंगे कि कैसे IAS तृप्ति कल्हंस ने चार बार असफल होने के बावजूद हार नहीं मानी, खुद पर भरोसा रखा और आखिरकार UPSC सिविल सेवा परीक्षा को सफलतापूर्वक पास कर लिया।यह कहानी उन सभी अभ्यर्थियों के लिए है जो बार-बार असफल होकर भी अपने सपनों को छोड़ना नहीं चाहते।
IAS तृप्ति कल्हंस कौन हैं?
IAS तृप्ति कल्हंस एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं, लेकिन उनके सपने असाधारण थे।बचपन से ही उन्हें समाज के लिए कुछ करने की इच्छा थी, और यही सोच उन्हें UPSC IAS Officer बनने की ओर ले गई।उनका सफर आसान नहीं था।
बार-बार की असफलताओं, मानसिक दबाव और सामाजिक सवालों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से नजर नहीं हटाई। आज उनकी UPSC Success Story लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
तृप्ति कल्हंस उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से हैं, जहां से निकलकर उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया और फिर UPSC की दुनिया में कदम रखा। उनकी कहानी सिर्फ सफलता की नहीं, बल्कि असफलताओं से सीखने की है।
तृप्ति कल्हंस का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
IAS Tripti Kalhans का जन्म उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में हुआ, जहां पारंपरिक मूल्यों और शिक्षा पर जोर दिया जाता है। बचपन से ही तृप्ति में पढ़ाई और खेलकूद दोनों के प्रति रुचि थी। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा स्थानीय स्कूलों से पूरी की और फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी के कमला नेहरू कॉलेज में एडमिशन लिया।
2017 में उन्होंने B.Com Honors में ग्रेजुएशन पूरा किया। UPSC Success Story में उनकी शिक्षा की भूमिका अहम है, क्योंकि दिल्ली यूनिवर्सिटी ने उन्हें एक व्यापक दृष्टिकोण दिया।
ग्रेजुएशन के दौरान तृप्ति ने UPSC Exam के बारे में सोचना शुरू किया। उन्होंने कभी कोचिंग नहीं ली, बल्कि Self-Study पर भरोसा किया। यह निर्णय उनकी UPSC Preparation Strategy का हिस्सा था। खेलकूद में उनकी भागीदारी ने उन्हें Discipline सिखाया, जो बाद में UPSC Crack करने में मददगार साबित हुआ।
UPSC परीक्षा का सपना और शुरुआती तैयारी
तृप्ति कल्हंस ने ग्रेजुएशन के दौरान ही यह तय कर लिया था कि उन्हें UPSC Civil Services Examination पास करनी है।शुरुआत में उन्होंने:
- NCERT किताबों से बेस मजबूत किया
- अखबार पढ़ने की आदत डाली
- करंट अफेयर्स पर विशेष ध्यान दिया
लेकिन पहली बार में ही उन्हें यह समझ आ गया कि UPSC की तैयारी केवल पढ़ाई नहीं बल्कि धैर्य की परीक्षा भी है।
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पहली असफलता: UPSC का पहला प्रयास
तृप्ति की फैमिली बैकग्राउंड साधारण थी, लेकिन उनके माता-पिता ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी। गोंडा जैसे छोटे शहर से निकलकर दिल्ली आना उनके लिए एक बड़ा कदम था, जो उनकी Destiny को बदलने वाला साबित हुआ। UPSC Aspirants अक्सर छोटे शहरों से आते हैं, और तृप्ति की कहानी उन्हें बताती है कि जगह मायने नहीं रखती, मेहनत रखती है।
पहले प्रयास में तृप्ति कल्हंस प्रीलिम्स भी क्लियर नहीं कर पाईं।यह असफलता उनके लिए बहुत बड़ा झटका थी।
- आत्मविश्वास कमजोर हुआ
- खुद पर शक होने लगा
- परिवार और समाज के सवाल बढ़ने लगे
लेकिन यहीं से उनकी UPSC Motivation Story की असली शुरुआत होती है।
दूसरी और तीसरी बार की असफलता
दूसरे प्रयास में उन्होंने पहले से ज्यादा मेहनत की, लेकिन इस बार भी सफलता हाथ नहीं लगी।
तीसरे प्रयास तक आते-आते:
- मानसिक दबाव बढ़ गया
- दोस्तों की नौकरी लग चुकी थी
- खुद को दूसरों से तुलना करने लगीं
इसके बावजूद उन्होंने UPSC को छोड़ने का फैसला नहीं किया।यहीं से उन्होंने अपनी रणनीति बदलने का निर्णय लिया।

चौथी बार फेल, लेकिन हौसला कायम
चौथी बार असफल होना किसी को भी तोड़ सकता है, लेकिन IAS तृप्ति कल्हंस ने इसे सीख के रूप में लिया।
उन्होंने समझा कि:
- केवल पढ़ना काफी नहीं
- उत्तर लेखन (Answer Writing) पर फोकस जरूरी
- मॉक टेस्ट का विश्लेषण बेहद अहम
यही सोच आगे चलकर उनकी सफलता की नींव बनी।
आधिकारिक वेबसाइट –www.upsc.gov.in
रणनीति में बड़ा बदलाव
पाँचवें प्रयास से पहले उन्होंने अपनी तैयारी में कई बदलाव किए:
- सीमित किताबें चुनीं
- रोज़ Answer Writing Practice
- पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का गहन अध्ययन
- समय प्रबंधन पर खास ध्यान
उन्होंने यह भी समझा कि UPSC तैयारी में consistency सबसे बड़ा हथियार है।
असफलताओं से सीख
UPSC Success Story में तृप्ति की 4 Failures ने उन्हें Strong बनाया। उन्होंने बताया कि हर Failure से Lesson सीखा। Family Pressure को Handle करने के लिए Meditation किया।
तृप्ति की Destiny बदली क्योंकि उन्होंने Never Give Up Attitude रखा। UPSC Aspirants के लिए मैसेज – धैर्य रखें, मेहनत जारी रखें।
इंटरव्यू और अंतिम सफलता
आखिरकार वह दिन आया जब तृप्ति कल्हंस ने:
- प्रीलिम्स क्लियर किया
- मेन्स में शानदार प्रदर्शन किया
- इंटरव्यू में आत्मविश्वास से जवाब दिए
और अंत में उनका नाम UPSC Final Result में शामिल हुआ।चार बार फेल होने के बाद IAS Officer बनना उनकी मेहनत और धैर्य का प्रमाण था।
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IAS तृप्ति कल्हंस की सफलता से क्या सीखें?
उनकी UPSC Success Story हमें कई महत्वपूर्ण सबक सिखाती है:
- असफलता अंत नहीं होती
- रणनीति बदलना कमजोरी नहीं, समझदारी है
- आत्मविश्वास सबसे जरूरी
- धैर्य और निरंतरता सफलता की कुंजी
UPSC Aspirants के लिए सलाह
IAS तृप्ति कल्हंस के अनुसार:
- खुद की तुलना दूसरों से न करें
- सोशल मीडिया से दूरी बनाएं
- मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें
- खुद पर भरोसा रखें
उनका मानना है कि UPSC केवल ज्ञान नहीं, मानसिक मजबूती भी मांगता है।
FAQ
Q1. IAS तृप्ति कल्हंस ने कितनी बार UPSC दी?
उत्तर: उन्होंने UPSC परीक्षा में 5 बार प्रयास किया, जिसमें 4 बार असफलता के बाद सफलता मिली।
Q2. UPSC में बार-बार फेल होने पर क्या करें?
उत्तर: रणनीति बदलें, कमजोरियों पर काम करें और धैर्य बनाए रखें।
Q3. UPSC की तैयारी कितने साल में होती है?
उत्तर: औसतन 2–4 साल का समय लग सकता है, यह व्यक्ति पर निर्भर करता है।
Q4. क्या बिना कोचिंग UPSC पास की जा सकती है?
उत्तर: हाँ, सही रणनीति और self-study से UPSC पास की जा सकती है।
निष्कर्ष
IAS तृप्ति कल्हंस की UPSC Success Story यह साबित करती है कि असफलता सिर्फ एक पड़ाव है, मंज़िल नहीं।अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो चार बार फेल होने के बाद भी IAS Officer बनना संभव है।
यह कहानी हर UPSC Aspirant को यह विश्वास दिलाती है कि“हार मानना विकल्प नहीं है।”